देवदासी का अर्थ है देव की दासी अर्थात ईश्वर की रखेल
देवदासी का अर्थ है देव की दासी अर्थात ईश्वर की रखेल !
दासी एक तरह की ग़ुलाम महिला होती है जिसकी ना कोई स्वतंत्रता है ना कोई मौलिक अधिकार !
भारतीय इतिहास की सभी दासी पराजित राज्य या शूद्र वर्ग की महिलाएं थी !
दासियों का बलात्कार करना, दूसरे राजाओं को उपहार स्वरूप देना, उत्पीड़न शोषण का भयानक इतिहास है जिसपर कभी विस्तार से लिखा नही गया !
ज्यादातर इतिहास ब्राह्मण सनातन संस्कृति के शासन को महान और उचित ठहराने के नजरिये से लिखा गया है !
दासियों को बेचने वाले खरीदने वाले उपहार के रूप में देने स्वीकार करने वालों को ईश्वर भगवान का दर्जा देकर इनकी शान में कसीदे पढें गए है !
सदियों से मंदिरों में बच्चियों को देवदासी बनाकर ब्राह्मण पुरोहित बलात्कार करते, प्रौढ़ होने पर वैश्यालय में बेच दिया जाता !
मंदिरों की पुरानी व्यवस्था पर शोध अध्ययन कर नया इतिहास लिखना होगा, मंदिर पूजा घर नही वैश्यालय था !
आज उसी मंदिरों में प्रवेश के लिए शूद्र महिलाएं लाठी डंडे खाने को भी राजी हैं !
(थाईलैंड की देवदासी पीठ पर गोदकर लिखा है देवदासी है किस मंदिर की है और इससे बलात्कार करने का अधिकार केवल ब्राह्मण पुरोहितों को है)
दासी एक तरह की ग़ुलाम महिला होती है जिसकी ना कोई स्वतंत्रता है ना कोई मौलिक अधिकार !
भारतीय इतिहास की सभी दासी पराजित राज्य या शूद्र वर्ग की महिलाएं थी !
दासियों का बलात्कार करना, दूसरे राजाओं को उपहार स्वरूप देना, उत्पीड़न शोषण का भयानक इतिहास है जिसपर कभी विस्तार से लिखा नही गया !
ज्यादातर इतिहास ब्राह्मण सनातन संस्कृति के शासन को महान और उचित ठहराने के नजरिये से लिखा गया है !
दासियों को बेचने वाले खरीदने वाले उपहार के रूप में देने स्वीकार करने वालों को ईश्वर भगवान का दर्जा देकर इनकी शान में कसीदे पढें गए है !
सदियों से मंदिरों में बच्चियों को देवदासी बनाकर ब्राह्मण पुरोहित बलात्कार करते, प्रौढ़ होने पर वैश्यालय में बेच दिया जाता !
मंदिरों की पुरानी व्यवस्था पर शोध अध्ययन कर नया इतिहास लिखना होगा, मंदिर पूजा घर नही वैश्यालय था !
आज उसी मंदिरों में प्रवेश के लिए शूद्र महिलाएं लाठी डंडे खाने को भी राजी हैं !
(थाईलैंड की देवदासी पीठ पर गोदकर लिखा है देवदासी है किस मंदिर की है और इससे बलात्कार करने का अधिकार केवल ब्राह्मण पुरोहितों को है)

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